दुश्मन से छुटकारा....
कभी कभी हमारे आस पास या हमारे कार्य स्थान पर कोई न कोई हमारे विरुद्ध षड़यंत्र रच रहा होता है. इसका असर हमारे काम और मन दोनों पर पड़ता है.
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आज के प्रयोग से उस इन्सान के सभी क्रियाकलापों पर पाबन्दी लग जाती है.
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यह प्रयोग बीज मंत्रो से युक्त है अतः पूर्ण सावधानी से करना चाहिए
प्रयोग का दुरपयोग न करे अन्यथा स्वयं को ही हानि होगी
शनिवार रात्रि ८ बजे बाद शिव मंदिर में जाए हनुमानी सिंदूर में उपले की राख मिला कर इसे पानी में घोट कर स्याही बना ले!
अब शिवमंदिर में शिवलिंग के ही सामने एक कागज पर इस श्याही से एवं अनार की कलम से यह मंत्र सत्रु के नाम के साथ लिखे
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हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट् अमुक हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट्
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और इस मंत्र की ३ माला जाप करे!
चाहे तो जाप घर पर कर सकते है परन्तु कागज वाली क्रिया आपको शिवलिंग के सामने ही करनी होगी! जिनके पास पारद लिंग है वे घर पर ही सारी क्रिया कर सकते है!
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इस प्रयोग को शनिवार-रविवार-मंगलवार तीनो दिन करना है,कागज पर नाम लिखने वाली क्रिया मात्र शनिवार को ही करनी है
अंतिम दिन , मंगलवार को जाप के बाद इस कागज को किसी वीरान जगह गाड़ देना चाहिए
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इस तीन दिनों के प्रयोग को बार बार करना चाहिए ताकि आपकी ऊर्जा का विस्तार हो सके
अमुक की जगह सत्रु का नाम लिखना एवं जाप के मध्य बोलना चाहिए...____________________________________________________________________________________

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