दुश्मन से छुटकारा....

कभी कभी हमारे आस पास या हमारे कार्य स्थान पर कोई न कोई हमारे विरुद्ध षड़यंत्र रच रहा होता है. इसका असर हमारे काम और मन दोनों पर पड़ता है.
____________________________________________________________________________________ _____________________________________________ आज के प्रयोग से उस इन्सान के सभी क्रियाकलापों पर पाबन्दी लग जाती है. _____________________________________________ यह प्रयोग बीज मंत्रो से युक्त है अतः पूर्ण सावधानी से करना चाहिए प्रयोग का दुरपयोग न करे अन्यथा स्वयं को ही हानि होगी शनिवार रात्रि ८ बजे बाद शिव मंदिर में जाए हनुमानी सिंदूर में उपले की राख मिला कर इसे पानी में घोट कर स्याही बना ले! अब शिवमंदिर में शिवलिंग के ही सामने एक कागज पर इस श्याही से एवं अनार की कलम से यह मंत्र सत्रु के नाम के साथ लिखे _____________________________________________ हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट् अमुक हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट् _____________________________________________ और इस मंत्र की ३ माला जाप करे! चाहे तो जाप घर पर कर सकते है परन्तु कागज वाली क्रिया आपको शिवलिंग के सामने ही करनी होगी! जिनके पास पारद लिंग है वे घर पर ही सारी क्रिया कर सकते है! _____________________________________________ इस प्रयोग को शनिवार-रविवार-मंगलवार तीनो दिन करना है,कागज पर नाम लिखने वाली क्रिया मात्र शनिवार को ही करनी है अंतिम दिन , मंगलवार को जाप के बाद इस कागज को किसी वीरान जगह गाड़ देना चाहिए _____________________________________________ इस तीन दिनों के प्रयोग को बार बार करना चाहिए ताकि आपकी ऊर्जा का विस्तार हो सके अमुक की जगह सत्रु का नाम लिखना एवं जाप के मध्य बोलना चाहिए...____________________________________________________________________________________

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